पेंशनरों की मांग पर शासन सक्रिय, पृथक पेंशन कार्यालय स्थापना के प्रस्ताव पर मांगा गया तत्काल प्रतिवेदन

पेंशनरों की मांग पर शासन सक्रिय, पृथक पेंशन कार्यालय स्थापना के प्रस्ताव पर मांगा गया तत्काल प्रतिवेदन

रायपुर । भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ द्वारा पेंशनरों को ट्रेजरी व्यवस्था की जटिलताओं एवं प्रक्रियागत बाधाओं से मुक्त करने के लिए प्रदेश के सभी संभागों एवं जिलों में पृथक पेंशन कार्यालय स्थापित करने की मांग पर शासन स्तर पर त्वरित कार्यवाही प्रारंभ हो गई है।

महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 10 जुलाई 2026 को मंत्रालय में मुख्य सचिव विकासशील से भेंट कर पेंशनर्स हित से जुड़े विभिन्न विषयों के साथ पृथक पेंशन कार्यालय स्थापना की मांग का ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में बताया गया था कि वर्तमान ट्रेजरी व्यवस्था के कारण पेंशनरों को अनेक प्रशासनिक एवं प्रक्रियागत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके कार्यों में अनावश्यक विलंब होता है।

मुख्य सचिव को सौंपे गए इसी ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए वित्त विभाग ने 17 जुलाई 2026 को संचालक, पेंशन एवं भविष्य निधि, रायपुर को पत्र जारी कर प्रदेश के सभी संभागों एवं जिलों में पृथक पेंशन कार्यालय स्थापित किए जाने के संबंध में तत्काल प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वित्त विभाग के अवर सचिव श्रीमती शांता खरे द्वारा जारी पत्र में इस विषय पर शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है।

महासंघ ने इसे पेंशनरों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक पहल बताते हुए मुख्य सचिव तथा वित्त विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है। महासंघ का मानना है कि पृथक पेंशन कार्यालय स्थापित होने से पेंशन स्वीकृति, संशोधन, पारिवारिक पेंशन, जीवन प्रमाण-पत्र तथा अन्य पेंशन संबंधी मामलों का त्वरित निराकरण संभव होगा और वरिष्ठ नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयी चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के जे.पी. मिश्रा, एन.आर. साहू, बी.के. वर्मा, अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, टी पी सिंह, पी आर साहू,बी.एल. गजपाल, द्रौपदी यादव, आर.एन. ताटी, जे.पी. शुक्ला, लोचन पांडेय ,प्रदीप सोनी, माणिकचंद, डॉ शेषा सक्सेना,ओ.पी. भट्ट, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, एस एस भदौरिया, एस के धातोडे, एस.एन. देहारी, रूपकुमार झाड़ी, कासिमुद्दीन, आर.डी. झाड़ी, अरुण तिवारी, परमेश्वर स्वर्णकार, राकेश जैन, राजेंद्र कश्यप, कुंती राणा, उर्मिला शुक्ला,शैलेन्द्र सिन्हा, आर.जी. बोहरे, ओ.डी. शर्मा, सुहास लाम्बट, अभय शंकर गौराहा, बी एस दशमेर,गुरुचरण सिंह, अनिल पाठक, आर ए शर्मा, ठाकुर सुरेन्द्र सिंह,लता चावड़ा, आर के दीक्षित , एम एन पाठक, टी एल चंद्राकर, मालिक राम वर्मा, एम आर चंद्राकर, रमेश नंदे प्रेमचंद गुप्ता, सहित अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने इस त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई है कि शीघ्र ही इस दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा।