आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब का तांडव, तेज हवाओं और भारी बारिश से भारी नुकसान, 50 ट्रेनें और 21 उड़ानें रद्द
विशाखापट्टनम। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली की लाइनें टूट गईं और सड़कें पानी में डूब गईं। समुद्र का पानी तटीय बस्तियों के घरों तक पहुंचने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तूफान के असर से रेल, हवाई और सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है।
जानकारी के अनुसार, तूफान के कारण करीब 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा तथा विशाखापट्टनम से संबंधित 21 उड़ानें रद्द की गई हैं। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में लोगों को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 4,000 चक्रवात आश्रय केंद्र तैयार किए गए हैं। वहीं, ओडिशा में भारी बारिश की आशंका के चलते 16 जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं और करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं
चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। मौसम विभाग की प्रमुख के. नागरत्ना के अनुसार, तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। उन्होंने बताया कि तट से टकराने की प्रक्रिया के दौरान हवा की गति में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। बाद में हवा की रफ्तार 90 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे और फिर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लगातार तूफान की दिशा, हवा की गति और बारिश की स्थिति पर नजर रख रहा है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और समुद्र के करीब नहीं जाने की सलाह दी है।
काकीनाडा में पेड़ उखड़े, चार लोगों को बचाया
चक्रवात के असर से काकीनाडा जिले में कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। जलभराव के कारण अनेक सड़कों पर आवाजाही बाधित हुई। जिले के बॉम्बे कट्टा इलाके में पानी भर जाने से चार लोग फंस गए थे। बताया गया कि ये लोग सुबह ड्यूटी पर पहुंचे थे, लेकिन उनके ठहरने की जगह के चारों ओर पानी भर जाने से बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। पुलिस ने चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अनकापल्ली, विशाखापट्टनम, काकीनाडा और कोनसीमा जिलों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं से नुकसान की खबरें सामने आईं। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से सड़क यातायात प्रभावित हुआ।
समुद्र में ऊंची लहरें, तटीय इलाकों में पानी घुसा
विशाखापट्टनम के समुद्र तट पर तेज हवाओं के बीच समुद्र में ऊंची लहरें उठती दिखाई दीं। पुलिस ने लोगों को समुद्र तट के नजदीक जाने से मना किया। काकीनाडा और आसपास के तटीय क्षेत्रों में समुद्र का पानी बस्तियों तक पहुंचने से घरों में पानी घुस गया। चेन्नई के एन्नोर बीच पर भी समुद्र में ऊंची लहरें उठने की खबर है। इससे तटीय सड़कों पर पानी भर गया और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुडुचेरी के यानम में तेज हवाओं के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-216 के किनारे कई पेड़ उखड़ गए। पेड़ों के गिरने से राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।
ओडिशा में भी तूफान का असर, राहत कार्य जारी
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के गंजाम जिले में कई पेड़ सड़कों पर गिर गए। अग्निशमन विभाग की टीमें रास्तों से पेड़ों को हटाने में जुटीं। पुरी में समुद्र में ऊंची लहरें उठने के बीच प्रशासन ने तटीय इलाकों में सतर्कता बरतने की जरूरत पर जोर दिया। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य के 16 जिलों में स्कूल बंद किए गए और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। आंध्र प्रदेश की मंत्री अनीता ने चीनागुमुलुरू में लोगों से मुलाकात कर तूफान के बाद की स्थिति का जायजा लिया। वहीं, पुडुचेरी के मंत्री मल्लाडी कृष्ण राव ने यानम के सावित्री नगर का दौरा किया। समुद्र का पानी भरने से प्रभावित इस इलाके में उन्होंने हालात का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत की।
13 राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सहित 13 राज्यों में मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है। तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने बिजली, पानी की आपूर्ति और संचार सेवाओं पर संभावित असर को देखते हुए तैयारियां की हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रख रहे हैं।



