बीजापुर डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके निलंबित, महिला कांस्टेबल की शिकायत पर कार्रवाई
बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है। उन पर एक महिला कांस्टेबल ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता की शिकायत पर अगस्त 2025 में डौंडी थाना में अपराध दर्ज किया गया था। शिकायत दर्ज होने के बाद से आरोपी अधिकारी फरार बताए जा रहे थे। मामले में शासन ने संज्ञान लेते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
2017 से संबंध का आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में दोनों आईटीआई में पढ़ाई के दौरान संपर्क में आए। बातचीत के बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हुआ। आरोप है कि शादी का झांसा देकर दिलीप उइके ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत के अनुसार, 2017 में पहली बार गर्भवती होने पर आरोपी ने जबरन दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया। इसी दौरान पीड़िता की पुलिस विभाग में नौकरी लग गई, जबकि आरोपी आगे की पढ़ाई के लिए दुर्ग चला गया।
दोबारा संबंध और गर्भपात के आरोप
महिला ने आरोप लगाया है कि बाद में भी आरोपी ने शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए। वर्ष 2024 में कथित रूप से अंडमान ले जाकर संबंध बनाए गए, जिसके बाद वह दूसरी बार गर्भवती हुई। आरोप है कि बीजापुर बुलाकर फिर से दवा के जरिए गर्भपात कराया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 2025 में आरोपी ने शादी का वादा दोहराया, संबंध बनाए और आर्थिक सहायता के नाम पर करीब 3.30 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। उसी वर्ष तीसरी बार गर्भधारण होने पर फिर से गर्भपात कराने का आरोप लगाया गया है।
शादी से इंकार, मामला दर्ज
पीड़िता का कहना है कि जब उसने विवाह की बात की तो आरोपी मुकर गया और दूरी बनाने लगा। इसके बाद महिला ने डौंडी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि दिलीप उइके करीब डेढ़ वर्ष तक बीजापुर जिले के भोपालपटनम जनपद में सीईओ पद पर पदस्थ रहे हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।



