अटैचमेंट पर सख्ती: गैर-शैक्षणिक कार्य में लगे शिक्षकों को स्कूल लौटने का आदेश
अटैचमेंट लेकर अन्य विभागों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ (डीपीआई) ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न सभी शिक्षक संवर्ग के कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर लौटने का आदेश दिया है।
डीपीआई द्वारा प्रदेश के सभी संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग और जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा गया है कि ऐसे शिक्षक और कर्मचारी जो अपनी मूल सेवाएं छोड़कर अन्य कार्यालयों या संस्थाओं में गैर-शिक्षकीय कार्य कर रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर मूल संस्था में उपस्थित होने के निर्देश दिए जाएं। संबंधित अधिकारियों को की गई कार्रवाई से संचालनालय को अवगत कराने को भी कहा गया है।
कलेक्टर और कमिश्नरों को भी निर्देश
डीपीआई ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और संभागायुक्तों को भी पत्र लिखकर इस आदेश के पालन को सुनिश्चित करने को कहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि राज्य शासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शिक्षक संवर्ग के कर्मचारी गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न हैं, जिससे स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगे सभी शिक्षकों का संलग्नीकरण तत्काल समाप्त कर उन्हें उनके मूल विद्यालय में अध्यापन कार्य के लिए कार्यमुक्त किया जाए।
7 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
डीपीआई ने आदेश में यह भी कहा है कि संलग्नीकरण समाप्त किए जाने का प्रमाण पत्र सात दिवस के भीतर संचालक, लोक शिक्षण को अनिवार्य रूप से भेजा जाए। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई से लंबे समय से चल रहे अटैचमेंट के खेल पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।



