छत्तीसगढ़ में बनेगा कर्मचारी चयन मंडल, व्यापम होगा भंग
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में कर्मचारी चयन मंडल के गठन को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद अब राज्य सिविल सेवा परीक्षा को छोड़कर अधिकांश सरकारी भर्तियां इसी नए मंडल के माध्यम से की जाएंगी।
सरकार के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) को भंग कर दिया जाएगा और उसकी जगह कर्मचारी चयन मंडल काम करेगा। कैबिनेट में पारित प्रस्ताव के अनुसार नया मंडल व्यापम की तुलना में अधिक सशक्त होगा और भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने की दिशा में काम करेगा।
नया बोर्ड होगा ज्यादा मजबूत
राज्यपाल की अधिसूचना जारी होते ही व्यापम को समाप्त कर दिया जाएगा। वर्तमान में व्यापम की अध्यक्ष रेणु पिल्ले ही कर्मचारी चयन मंडल की चेयरमैन होंगी। हालांकि नए मंडल में चेयरमैन के साथ-साथ पीएससी की तरह सदस्यों की भी नियुक्ति की जाएगी। चेयरमैन और सदस्य सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी होंगे और सभी महत्वपूर्ण फैसले पूर्ण बोर्ड द्वारा लिए जाएंगे।
भर्ती में गड़बड़ियों के बाद लिया फैसला
पिछले समय में शिक्षक और पुलिस कांस्टेबल भर्ती जैसी प्रक्रियाओं में सामने आई समस्याओं के बाद सरकार ने मजबूत भर्ती तंत्र बनाने का फैसला किया। कई मामलों में भर्ती प्रक्रिया में देरी और चयन में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके कारण हजारों पद खाली रह गए थे।
अब एक साथ होंगी परीक्षाएं
नए कर्मचारी चयन मंडल का उद्देश्य विभिन्न विभागों की समान प्रकृति की परीक्षाओं को एक साथ आयोजित करना है। इसके लिए परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा और तय समय में परीक्षा और परिणाम घोषित किए जाएंगे। इससे युवाओं को लंबे समय तक रिजल्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
जिला स्तर की भर्तियां भी होंगी केंद्रीकृत
सरकार जिला स्तर पर होने वाली चतुर्थ श्रेणी और अन्य भर्तियों को भी कर्मचारी चयन मंडल के अधीन लाने की तैयारी में है। इससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि कई राज्यों के भर्ती बोर्डों का अध्ययन करने के बाद यह मॉडल तैयार किया गया है। उनका कहना है कि यह नया मंडल राज्य में समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।



