अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी का मास्टरमाइंड शोलापुर से गिरफ्तार
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी करने वाले अवैध कॉल सेंटर गिरोह के मुख्य आरोपी विकास नरेन्द्र शुक्ला को रायपुर पुलिस ने शोलापुर (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से अहमदाबाद (गुजरात) का रहने वाला है और इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
इससे पहले 25 मार्च 2026 को रायपुर पुलिस ने इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर में संचालित तीन अलग-अलग अवैध कॉल सेंटरों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में सुपरवाइजर सहित कुल 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
कैसे हुआ खुलासा
थाना गंज और न्यू राजेंद्र नगर क्षेत्र में स्थित कॉल सेंटरों पर की गई रेड में पुलिस ने 67 मोबाइल, 18 लैपटॉप, 28 कंप्यूटर सेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे। इन कॉल सेंटरों के जरिए विदेशी, खासकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी की जा रही थी।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मुख्य आरोपी की पहचान विकास नरेन्द्र शुक्ला के रूप में हुई, जिसके बाद गुजरात, गोवा, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र में लगातार दबिश दी गई। अंततः उसे शोलापुर से गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे करता था ठगी
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी डार्क वेब, स्काइप, लिंक्डइन और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए अमेरिकी नागरिकों का डेटा हासिल करता था। यह डेटा व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से खरीदा जाता था।
इसके बाद कॉल सेंटर के जरिए लोगों को लोन और क्रेडिट स्कोर सुधारने का झांसा दिया जाता था। पीड़ितों से गिफ्ट कार्ड के जरिए पैसे वसूले जाते थे। जो लोग पैसे नहीं देते थे, उन्हें फर्जी वारंट और नोटिस भेजकर डराया जाता था।
ठगी से मिली रकम को “प्रोसेसिंग चैनल” के जरिए डॉलर से भारतीय मुद्रा में बदला जाता था और फिर नेटवर्क में शामिल लोगों के बीच बांट दिया जाता था।
पहले भी जा चुका है जेल
आरोपी विकास शुक्ला पहले भी वर्ष 2019 में पुणे में अवैध कॉल सेंटर संचालन के मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। इसके बावजूद उसने फिर से इसी तरह का नेटवर्क खड़ा कर ठगी शुरू कर दी।
गिरफ्तारी और जब्ती
पुलिस ने आरोपी के पास से 4 मोबाइल फोन, 4 एटीएम कार्ड और 1 पैन कार्ड जब्त किया है। मामले में पहले से दर्ज अपराधों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



