पेंशन संबंधी समस्त कार्यवाही ऑनलाइन करने की मांग, पेंशनरों को मिलेगी बड़ी राहत : वीरेन्द्र नामदेव

पेंशन संबंधी समस्त कार्यवाही ऑनलाइन करने की मांग, पेंशनरों को मिलेगी बड़ी राहत : वीरेन्द्र नामदेव

रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव एवं प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने छत्तीसगढ़ शासन से पेंशन संबंधी समस्त प्रक्रियाओं को पूर्णतः ऑनलाइन करने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव (वित्त) को ज्ञापन प्रेषित कर पेंशनरों की लंबे समय से चली आ रही व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है।

महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शासन के अधिकांश कार्य आज डिजिटल माध्यम से संपादित हो रहे हैं, किंतु पेंशन स्वीकृति, पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी करने तथा बैंक में भुगतान प्रारंभ कराने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं अभी भी काफी हद तक ऑफलाइन व्यवस्था पर निर्भर हैं। इसके कारण पेंशन प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब होता है तथा पेंशनरों को विभिन्न कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।

वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि अधिकांश पेंशनर वरिष्ठ नागरिक हैं और बढ़ती आयु में उन्हें कार्यालयों तक पहुंचने, दस्तावेज जमा करने तथा अपने प्रकरण की स्थिति जानने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि पूरी पेंशन प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाए तो पेंशनरों को समय, श्रम एवं आर्थिक व्यय से राहत मिलेगी तथा प्रशासनिक पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने कहा कि राज्य शासन द्वारा “सुशासन” और “डिजिटल प्रशासन” को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में पेंशन व्यवस्था को भी आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि पेंशन स्वीकृति से लेकर बैंक में भुगतान प्रारंभ होने तक की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन की जाए, पीपीओ डिजिटल रूप में जारी किया जाए तथा प्रत्येक पेंशनर को अपने प्रकरण की ऑनलाइन स्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी क्रमशः जे पी मिश्रा, बी के वर्मा,अनिल गोल्हानी, आलोक त्रिवेदी, द्रौपदी यादव,एन आर साहू, लोचन पांडेय, उर्मिला शुक्ला, आर एन ताटी,शेषा सक्सेना, एम एन पाठक, आर के टंडन, टी पी सिंह, बी एस दसमेर,शैलेन्द्र सिन्हा, अनिल पाठक,आर जी बोहरे, ओ डी शर्मा,अनूप नाथ योगी आदि ने यह भी मांग की है कि विभाग, कोष एवं लेखा, ट्रेजरी तथा बैंकों के बीच एकीकृत ऑनलाइन प्रणाली विकसित की जाए तथा लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए निर्धारित समय-सीमा तय की जाए।

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने विश्वास व्यक्त किया है कि राज्य शासन पेंशनरों की इस न्यायोचित एवं जनहितकारी मांग पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही करेगा, जिससे प्रदेश के लाखों पेंशनरों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।