UGC के नए नियम के विरोध में वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

UGC के नए नियम के विरोध में वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किए गए नए नियमों को लेकर असंतोष सामने आया है। वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन छत्तीसगढ़ एवं सर्व युवा ब्राह्मण परिषद छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने इन नियमों को सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के हितों के विपरीत बताते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर इन्हें निरस्त करने की मांग की है।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि UGC द्वारा समानता के अधिकार के तहत बनाया गया यह नियम व्यवहार में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देता है। इससे दुर्भावनापूर्ण शिकायतों की आशंका बढ़ेगी और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो सकता है। उनका आरोप है कि यह नियम संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

इस संबंध में सोमवार 9 फरवरी को सायं 4 बजे लोक भवन पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए नए नियम पर विरोध दर्ज कराया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू इस नियम को तत्काल वापस लिया जाए।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद ओझा, महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव सुरेश मिश्रा, सलाहकार रज्जन अग्निहोत्री, प्रदेश महासचिव डॉ. सुनील कुमार ओझा, संभागीय अध्यक्ष नितिन कुमार झा, महिला महासचिव सुमन मिश्रा सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।

संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि नियमों पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने पर भी विचार कर सकते हैं।