यूपी चुनाव से पहले अजय राय की हो सकती है पद से छुट्टी,आराधना मिश्रा बनेंगी प्रदेश अध्यक्ष?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी चल रही है। जातिगत समीकरणों को साधने के लिए मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की जगह विधायक आराधना मिश्रा को नया अध्यक्ष और अन्य नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इस संभावित नेतृत्व परिवर्तन पर अंतिम फैसला जल्द ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की बैठक में लिया जाएगा।
कांग्रेस लीडरशिप उत्तर प्रदेश में भी नेतृत्व बदलने पर विचार कर रही है। संगठन में संभावित फेरबदल का हिस्सा हो सकता है। राहुल गांधी ने कल उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के साथ आमने-सामने की बैठक की। खबरों के मुताबिक, इस अहम बैठक में यूपी के हालात और भविष्य में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा हुई। यूपी में शीर्ष पद के लिए अजय राय को राहुल गांधी ने ही चुना था। राहुल गांधी ने कई बार 2024 के लोकसभा चुनावों में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अजय राय के चुनावी मुकाबले का भी ज़िक्र किया है। हालांकि, यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अब राज्य में अलग-अलग सामाजिक समूहों तक पहुंचने और सही जातिगत समीकरण बनाने पर विचार कर सकती है। इस बीच, यूपी के नए प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और राज्य कांग्रेस प्रमुख अजय राय के बीच सब कुछ ठीक नहीं हो चल रहा है। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अध्यक्ष के साथ कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा चल रही है। अब चर्चा है कि उनकी जगह पर विधायक आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। साथ ही एक ओबीसी और एक मुस्लिम कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए जा सकते हैं। प्रचारअभियान और चुनाव
अजय रय को हटाने की मांग
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हाल ही में यूपी के नवनियुक्त प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने पार्टी आलाकमान के सामने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पद से हटाने की बात रखी थी। इसी सियासी हलचल के बीच कल राहुल गांधी और अजय राय की अहम मुलाकात भी हुई। आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस 'इंडिया' गठबंधन के भीतर सवर्ण, खासकर ब्राह्मण मतदाताओं को अपने पाले में लाने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी की योजना है कि इस कोर वोट बैंक को साधने के लिए अनुराधा मिश्रा को प्रमुख चेहरा बनाकर प्रदेश में अपनी ब्राह्मण राजनीति को नई धार दी जाए। अजय राय को बदला जाएगा या नहीं, इस पर फ़ैसला राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच होने वाली एक अहम बैठक में लिया जाएगा। यह बैठक अगले एक-दो दिनों में हो सकती है।
कौन हैं अराधना मिश्रा
आराधना मिश्रा, जिन्हें मोना मिश्रा के नाम से भी जाना जाता है, सीनियर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। वह प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं और 2017 में कांग्रेस से जीतने वाले सात उम्मीदवारों में से एक थीं। 2022 में भी कांग्रेस ने इस सीट को बनाए रखने के मकसद से उन्हें एक बार फिर रामपुर खास से मैदान में उतारा था। आराधना मिश्रा (मोना) 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में रामपुर खास सीट से कांग्रेस (INC) की टिकट पर दोबारा जीत दर्ज की। गांधी परिवार के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेताओं में शुमार प्रमोद तिवारी की राजनीतिक विरासत को उनकी बेटी आराधना मिश्रा 'मोना' मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं। रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा की सक्रियता को देखते हुए अब आगामी चुनावों से पहले उन्हें पार्टी संगठन में कोई बड़ा और अहम पद सौंपे जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं।



