आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े का आरोप, रायपुर के दो निजी अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े का आरोप, रायपुर के दो निजी अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त

रायपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कथित अनियमितताओं के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर के दो निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच के बाद मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और लोटस हॉस्पिटल एडवांस यूरोलॉजी सेंटर का नर्सिंग होम एक्ट के तहत लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दोनों अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत फर्जी मरीजों को भर्ती दिखाकर क्लेम करने और कमीशनखोरी से जुड़ी अनियमितताओं की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है।

छह निजी अस्पतालों में हुई थी जांच

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर के छह निजी अस्पतालों में जांच अभियान चलाया था। इनमें श्री अनंत साईं हॉस्पिटल, श्री महावीर अस्पताल मोवा, वरदान हॉस्पिटल, मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लोटस हॉस्पिटल एडवांस यूरोलॉजी सेंटर और रावतपुरा हॉस्पिटल शामिल थे। जांच टीम ने अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत भर्ती मरीजों के रिकॉर्ड, उपचार से संबंधित दस्तावेज और अस्पतालों द्वारा किए गए क्लेम की पड़ताल की। कथित फर्जी मरीजों के नाम पर किए गए दावों की भी जांच की गई।

जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर इंद्रजीत बर्मन के मुताबिक, आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद जांच कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने संबंधित अस्पतालों में जांच कर दस्तावेज और मरीजों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की। विभाग के अनुसार, जांच कमेटी की रिपोर्ट में फर्जी मरीजों को भर्ती दिखाने और कमीशनखोरी से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट के आधार पर मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और लोटस हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त किया गया है।

बाकी अस्पतालों की जांच जारी

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अन्य अस्पतालों में मिले दस्तावेजों और आयुष्मान योजना के तहत किए गए क्लेम की जांच भी जारी है। जांच पूरी होने के बाद अनियमितताओं की स्थिति और स्पष्ट होगी।