5 करोड़ के चेक बाउंस केस में कारोबारी को 2-2 साल की सजा
राजधानी रायपुर में करीब 5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए कारोबारी विजय नागपुरे को दो अलग-अलग मामलों में 2-2 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला जेएमएफसी विकास खांडे की अदालत ने सुनाया। सजा के बाद आरोपी की ओर से जमानत आवेदन पेश किया गया, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद विजय नागपुरे को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
5 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़ा मामला
मामला कारोबारी लेन-देन और करीब 5 करोड़ रुपये के चेक बाउंस से जुड़ा है। आरोपी विजय नागपुरे को नागूराव फर्म का डायरेक्टर बताया गया है। मामले में सुरेश अटलानी और कंचन अटलानी की ओर से अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया गया था।
2015 में दिए गए थे चेक
जानकारी के मुताबिक, आरोपी की ओर से वर्ष 2015 में भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में प्रस्तुत किए गए थे। पर्याप्त राशि नहीं होने सहित संबंधित कारणों से चेक का भुगतान नहीं हो सका और वे बाउंस हो गए। इसके बाद परिवादी पक्ष ने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए अदालत की शरण ली।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से दस्तावेज और साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और पक्षकारों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने विजय नागपुरे को दोषी माना।
सुरेश अटलानी को 4 करोड़, कंचन अटलानी को 1 करोड़
अदालत ने सजा सुनाने के साथ ही परिवादी पक्ष को राशि दिए जाने के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट के आदेश के अनुसार सुरेश अटलानी को 4 करोड़ रुपये और कंचन अटलानी को 1 करोड़ रुपये दिए जाने हैं।
2024 से फरार था आरोपी
बताया गया है कि विजय नागपुरे वर्ष 2024 से फरार चल रहा था। न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण उसके खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी किया गया था। बाद में आरोपी के अदालत के समक्ष आने के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई।
सजा के बाद जमानत आवेदन खारिज
सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी की ओर से जमानत के लिए आवेदन पेश किया गया। अदालत ने आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद विजय नागपुरे को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
करीब 5 करोड़ रुपये के इस चेक बाउंस मामले में अदालत के फैसले के साथ आरोपी को सजा और राशि भुगतान से जुड़े निर्देश भी जारी किए गए हैं।



