खैरागढ़ संगीत विवि में छात्रों का प्रदर्शन, ‘कुलपति हटाओ’ के लगे नारे
एशिया के पहले संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के रूप में पहचान रखने वाला राजकुमारी इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय एक बार फिर छात्र आंदोलन को लेकर चर्चा में है। गुरुवार को संगीत संकाय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संकाय परिसर से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंचा, जहां छात्रों ने धरना शुरू कर दिया।
‘कुलपति हटाओ, विश्वविद्यालय बचाओ’ के नारे
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने ‘कुलपति हटाओ, विश्वविद्यालय बचाओ’ और ‘एक समोसा दो, चाय कुलपति हाय-हाय’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याएं विश्वविद्यालय प्रबंधन के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन करना पड़ा।
वाद्य यंत्रों की कमी का मुद्दा
छात्रों ने संगीत संकाय में पर्याप्त संख्या में वाद्य यंत्र उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि संगीत की पढ़ाई और अभ्यास के लिए जरूरी संसाधनों की कमी के कारण उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। इसके अलावा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में संगीत संकाय के विद्यार्थियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने का भी छात्रों ने आरोप लगाया।
अधिष्ठाता की नियुक्ति पर भी आपत्ति
प्रदर्शनकारी छात्रों ने संगीत संकाय के अधिष्ठाता नमन दत्त को हटाकर मानस साहू को जिम्मेदारी दिए जाने पर भी सवाल उठाए। छात्रों का दावा है कि मानस साहू को संगीत विषय की पर्याप्त जानकारी नहीं है। हालांकि, यह छात्रों का आरोप है और इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।
रिजल्ट और दस्तावेजों में गड़बड़ी का आरोप
छात्रों ने रिजल्ट और अन्य दस्तावेजों में लगातार गड़बड़ियों की शिकायत भी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दस्तावेजों में सुधार कराने के लिए उनसे पैसे की मांग की जाती है। विद्यार्थियों के मुताबिक, इन समस्याओं को लेकर वे कई दिनों से विश्वविद्यालय प्रबंधन से शिकायत कर रहे थे, लेकिन ठोस समाधान नहीं होने के बाद उन्हें प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
रजिस्ट्रार और अधिष्ठाता ने छात्रों से की बातचीत
आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार वेंकट आर. गुड़े और संगीत संकाय के अधिष्ठाता मानस साहू मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को लिखित रूप में देने के लिए कहा। हालांकि, इसके बाद भी छात्रों ने मुख्य द्वार पर धरना जारी रखा।
इसी दौरान संगीत संकाय के प्रोफेसर दिवाकर कश्यप की अचानक तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद मौके का माहौल और गरमा गया तथा छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया।



