अवैध उर्वरक भंडारण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई : 585 बोरी उर्वरक जब्त, गोदाम सील; नमूने जांच के लिए भेजे गए
बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन मे जिले मे खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को निर्धारित दर पर, समय पर तथा गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार सख्त निगरानी और कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बेमेतरा जिले के ग्राम गाड़ाडीह (तहसील देवकर) में अवैध रूप से भंडारित उर्वरकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 585 बोरी उर्वरक जब्त कर गोदाम को सील कर दिया।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा जिलेभर में उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता और मूल्य नियंत्रण को लेकर नियमित औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी दौरान ग्राम गाड़ाडीह में अवैध खाद भंडारण की सूचना मिलने पर उड़नदस्ता दल ने मौके पर पहुंचकर जांच और छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के प्रावधानों के तहत लगभग 585 बोरी (29.25 मीट्रिक टन) बायो पोटाश एवं बायो ऑर्गेनिक फास्फेट का अवैध भंडारण पाया गया। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समस्त उर्वरक सामग्री को जब्त कर संबंधित गोदाम को सील कर दिया।
गुणवत्ता जांच के लिए भेजे जाएंगे नमूने :
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने भी संग्रहित कर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं, जहां उनकी गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूपता की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रशासन की कड़ी नजर :
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जिले में लगातार निगरानी अभियान जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता अथवा सहकारी संस्था निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय करते, जमाखोरी करते या अमानक उर्वरकों का व्यापार करते हुए पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सीधे पुलिस में एफआईआर दर्ज कर न्यायालयीन कार्रवाई भी की जाएगी।
किसानों से सहयोग की अपील :
जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने किसानों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें। शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त सूचना पर बिना पूर्व सूचना के त्वरित जांच एवं छापामार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



