रेस्ट हाउस में अश्लील डांस: डिप्टी रेंजर और महिला फॉरेस्टर निलंबित, रेंजर को नोटिस
सूरजपुर जिले के सूरजपुर वन परिक्षेत्र स्थित पर्यटन स्थल कुमेली वाटरफॉल के पास बने वन विभाग के शासकीय रेस्ट हाउस में महिला डांसरों द्वारा भड़काऊ कपड़ों में अश्लील नृत्य का मामला सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। मामले में डिप्टी रेंजर रविशंकर तिवारी और महिला फॉरेस्टर शैलेश टीना लकड़ा को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तत्कालीन रेंजर आरसी प्रजापति को नोटिस जारी किया गया है।
वायरल वीडियो में रात के समय शासकीय रेस्ट हाउस के भीतर रंगीन महफिल सजी दिखाई दे रही है। वीडियो में आर्केस्ट्रा के साथ महिला डांसरों द्वारा अश्लील नृत्य किया जा रहा है। डांसरों पर खुलेआम पैसे लुटाए गए और बाद में मौजूद लोग भी उनके साथ नाचते नजर आए। वीडियो में कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी भी दिख रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कार्यक्रम के दौरान जमकर शराबखोरी भी की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह रेस्ट हाउस विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों की अनुमति से रात में रसूखदार लोगों के लिए नियमों के खिलाफ खोला जाता रहा है। यहां नियमित रूप से शराब और इस तरह के आयोजन होते रहे हैं। लोगों ने इसे स्थानीय संस्कृति और परंपरा के खिलाफ बताते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बना था रेस्ट हाउस
कुमेली वाटरफॉल के पास बना यह रेस्ट हाउस वन विभाग द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इसमें बिजली, पानी, जनरेटर, सुरक्षा, फर्नीचर, बेड और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। लेकिन इस तरह की घटनाओं के सामने आने के बाद पर्यटक भी यहां आने से कतराने लगे हैं।
डेढ़ से दो साल पुराना बताया जा रहा वीडियो
वीडियो वायरल होने के बाद डीएफओ सूरजपुर डिवीजन तुलेश्वर साहू और एसडीओ फॉरेस्ट अशोक तिवारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने रेस्ट हाउस पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान चौकीदार, गांव के सरपंच और अन्य लोगों के बयान लिए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वीडियो करीब डेढ़ से दो साल पुराना है। बताया गया कि उस समय एक जनपद सदस्य द्वारा यहां पार्टी आयोजित की गई थी।
चौकीदार के बयान के अनुसार उस समय रेस्ट हाउस की चाबी तत्कालीन रेंजर आरसी प्रजापति के पास रहती थी और उन्हीं के द्वारा नेताओं को दी जाती थी।
फोरेंसिक जांच के लिए एसपी को पत्र
डीएफओ तुलेश्वर साहू ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर डिप्टी रेंजर और महिला फॉरेस्टर को निलंबित किया गया है। साथ ही वीडियो की सत्यता और समय की पुष्टि के लिए फोरेंसिक जांच कराए जाने हेतु एसपी प्रशांत ठाकुर को पत्र भेजा गया है।
वन विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



