अतिथि व्याख्याताओ की सेवा शर्तों एवं व्यवस्था में सुधार हेतु मुख्यमंत्री , उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन।

अतिथि व्याख्याताओ की सेवा शर्तों एवं व्यवस्था में सुधार हेतु मुख्यमंत्री , उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन।

 दिनांक 03/04/2026 अतिथि व्याख्याता / क्रीड़ाधिकारी / ग्रंथपालों की  समस्याओं एवं सेवा शर्तों में सुधार न्यायोचित मांगों के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री,उच्च शिक्षा मंत्री मुलाकात किया गया। विभिन्न मांग रखा गया जिसमें माननीय टंक राम वर्मा उच्च शिक्षा मंत्री जी अतिथि व्याख्याता की सेवा शर्तों सुधार के लिए समिति गठित करने का  निर्देश उच्च शिक्षा विभाग दिया गया है।

1. अतिथि व्याख्याता/क्रीडाधिकारी / ग्रंथपाल को राज्य शासन द्वारा दी जाने वाली प्रत्येक सत्र में राविदा कर्मचारियो को दी जाने वाली आकरिगक एवं ऐच्छिक सवैतनिक अवकाश की सुविधा दी जाए, ताकि अतिथि व्याख्याता अपने नैतिक एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूर्ण कर सके।

2. अतिथि व्याख्याता/ क्रीडाधिकारी / ग्रंथपाल की नियुक्ति एवं सेवा समाप्ति हेतु अलग-अलग विश्वविद्यालयो में भिन्न-भिन्न है, अर्थात् सेवा गे एकरूपता हेतु कैलेण्डर निर्धारित की जाए (चालू शैक्षिणिक सत्र में 1 जुलाई से 31 मई तक सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए)।

3. अतिथि व्याख्याता सेवा सुरक्षा अधिनियम, 2024 हरियाणा राज्य के तर्ज पर सेवा सुरक्षा प्रत्येक पात्र अतिथि व्याख्याता/क्रीड़ाधिकारी/ग्रंथपाल, जिसने नियुक्ति तिथि तक कम से कम तीन वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, वह सेवानिवृत्ति की आयु अर्थात 65 वर्ष प्राप्त करने तक उसी रूप में कार्य करता रहे। सेवा के वर्षों की गणना के उद्देश्य से, वह अतिथि व्याख्याता, जिसने किसी कैलेडर वर्ष में कम से कम 150 दिन कार्य किया हो. उसे उस पूरे वर्ष के लिए कार्यरत गाना जाए।

4. कालखण्ड आधारित वेतन व्यवस्था में सुधार करते हुए प्रत्येक कार्यरत अतिथि व्याख्याता को प्रति माह 57.700/- (सहायक प्राध्यापक पद का मूलभूत वेतन) रूपये एकमुश्त प्रदान किया जाये। साथ ही कार्यरत अतिथि व्याख्यताओं/ क्रीडाधिकारी / ग्रंथपालो को भविष्य निधि (PF) सुरक्षा प्रदान की जाये, जिससे अतिथि व्याख्याता भविष्य में आने वाले विभिन्न (शारीरिक, मानसिक, स्वास्थ्यगत, मातृत्व अवकाश एवं अन्य समस्याओ से निपटने हेतु वित्तीय सहायता मिल सके) जोखिमों का सामना कर सके। और प्रतिवर्ष 1 जनवरी तथा 1 जुलाई से प्रभावी सरकार द्वारा घोषित महंगाई भत्ता (DA) की प्रतिशत दर के अनुसार (गैर-चक्रवृद्धि आधार पर) वृद्धि भी दी जाए।

5. मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि विद्वानों हेतु आरक्षित पदों हेतु पात्रता के संबंध में किये गये प्रावधान (2024) के तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 'छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, रायपुर" को भर्ती हेतु प्रेषित मांगपत्र में विज्ञापित होने वाले रिक्त पदों में 25 प्रतिशत आरक्षण क्षैतिज क्रम में समान रूप से सभी श्रेणियों यथा अनारक्षित, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं EWS में किया जाता है। इन आरक्षित पदों पर उन्ही अतिथि व्याख्याताओं को आरक्षण का लाभ दिया जाए, जिनके द्वारा न्यूनतम 01 पूर्ण अकादमिक सत्र में शासकीय महाविद्यालयों में अध्यापन कार्य किया है अथवा अतिथि व्याख्याता नीति वर्ष 2024 के अनुसार 05 अंक अर्जित किये हैं। पदों का आरक्षण आगामी 03 भर्ती विज्ञापनों तक सीमित रखा जाए। किसी श्रेणी में सहायक प्राध्यापक / कीडाधिकारी / ग्रन्थपाल के विज्ञापित रिक्त पदों में अतिथि व्याख्याता आवेदक उपलब्ध नहीं होने पर उसी श्रेणी के गैर अतिथि व्याख्याता अभ्यर्थी से पद पूर्ति की जाए।
6 अतिथि व्याख्याता/क्रीडाधिकारी/ग्रंथपाल को भर्ती परीक्षा में निर्धारित आयु सीमा में अध्यापन अनुभव (अतिथि व्याख्याता नीति वर्ष 2024 के अनुसार) प्रतिवर्ष (एक अकादमिक रात्र के अनुभव के लिए एक वर्ष) के आधार पर अधिकतम 10 वर्षों की छूट प्रदान की जाती है। आयु सीमा में यह छूट सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित अधिकतम आयु सीमा के अतिरिक्त हो। आयु सीमा में छूट आगामी 03 भर्ती विज्ञापनों तक दी जाए।

7. छ.ग. अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में उल्लेखित कंडिका 34 में अतिथि व्याख्याताओं की भर्ती, फालेन आउट, चॉइस फिलिग, रिक्तियों हेतु ऑनलाइन पोर्टल का निर्माण किया जाए जो कि पहले से ही पॉलिसी में लिखा गया है लेकिन आज तक पोर्टल का निर्माण नहीं हुआ है।
महोदय, उपर्युक्त सभी मागे केवल व्यक्तिगत हित से नहीं, बल्कि उच्य शिक्षा की गुणवत्ता, स्थिरता एवं सस्थागत सुदृढता से जुड़ी हुई हैं। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इन गंभीर मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ विचार कर आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने की कृपा करें।
हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में उच्च शिक्षा प्रणाली को और अधिक सशक्त एवं न्यायपूर्ण बनाया जाएगा।