सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया लीक से मचा कोहराम, 2 की दर्दनाक मौत, 46 की हालत गंभीर

सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया लीक से मचा कोहराम, 2 की दर्दनाक मौत, 46 की हालत गंभीर

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में एक सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस लीक होने से 7 लोगों की मौत हो गई और 40 अन्य अस्पताल में भर्ती हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद एनडीआरएफ की टीम ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है और मुख्यमंत्री ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रविवार को यहां एक सीफूड एक्सपोर्ट यूनिट में अमोनिया गैस लीक होने की वजह से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 40 कर्मचारियों को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह दर्दनाक हादसा पेरियापालयम के पास कन्निगाइपैर में स्थित 'सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स' फैक्ट्री में हुआ।

मौके पर पहुंची एनडीआरएफ की स्पेशल टीम, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू

गैस लीक की खबर मिलते ही अरक्कोनम में मौजूद नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की चौथी बटालियन को तुरंत अलर्ट किया गया। इसके बाद चेन्नई से 30 एनडीआरएफ कमांडोज की एक स्पेशल टीम रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंची। यह टीम अपने साथ पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, गैस डिटेक्शन डिवाइसेस और खास CBRN (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर) रेस्क्यू टूल्स लेकर आई थी, जिसके बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

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मुख्यमंत्री ने दिए हाई-लेवल जांच के आदेश, 3 सदस्यीय कमेटी गठित

इस गंभीर हादसे पर एक्शन लेते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने हाई-लेवल जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम के निर्देश पर एक 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में इंडस्ट्रियल सेफ्टी और हेल्थ डायरेक्टर, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी और पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के एडिशनल डायरेक्टर को शामिल किया गया है।

24 घंटे में मांगी रिपोर्ट, मंत्रियों को तत्काल पहुंचने के निर्देश

जांच कमेटी को 24 घंटे के अंदर शुरुआती रिपोर्ट और तीन दिनों के भीतर फाइनल रिपोर्ट सबमिट करने का अल्टीमेटम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के आईटी मंत्री और तिरुवल्लूर जिले के प्रभारी मंत्री को भी तुरंत ग्राउंड जीरो पर पहुंचने को कहा है। इसके साथ ही मॉनिटरिंग ऑफिसर डॉ. के.पी. कार्तिकेयन को जिला कलेक्टर और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर पीड़ितों को बेस्ट मेडिकल हेल्प दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।