यातायात मुख्यालय से जब्त एक्टिवा चोरी, ढाई महीने बाद वाहन लेने पहुंचे मालिक को लगा झटका
राजधानी रायपुर में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यातायात मुख्यालय परिसर में जब्त कर खड़ी की गई एक एक्टिवा रहस्यमय तरीके से चोरी हो गई। करीब ढाई महीने बाद जब वाहन मालिक उसे छुड़ाने पहुंचा तो वाहन परिसर से गायब मिला। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रधान आरक्षक शरद धनगर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक, 3 मार्च को यातायात थाना फाफाडीह की टीम शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही थी। इसी दौरान विष्णु यादव को नशे की हालत में एक्टिवा चलाते हुए पकड़ा गया।
जांच में चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिला। साथ ही वाहन पर तीन लोग सवार थे और नंबर प्लेट भी निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं थी। इसके चलते मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए एक्टिवा को जब्त कर लिया गया।
जगह की कमी के कारण मुख्यालय में रखा गया था वाहन
पुलिस के अनुसार, यातायात थाना फाफाडीह परिसर में जब्त वाहनों को रखने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं था। इसलिए 29 मार्च को जब्त एक्टिवा को गुरुकुल कॉम्प्लेक्स के पास स्थित यातायात मुख्यालय परिसर में खड़ा कर दिया गया। वाहन का पंजीयन पूनम भोयर के नाम पर दर्ज है।
वाहन लेने पहुंचे तो नहीं मिली एक्टिवा
करीब ढाई महीने बाद 15 जून को चालक विष्णु यादव वाहन छुड़ाने यातायात मुख्यालय पहुंचा, लेकिन परिसर में एक्टिवा नहीं मिली। इसके बाद पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई और जांच शुरू की गई।
कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस परिसर से ही जब्त वाहन चोरी होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कर रही है।



