'दीदी के गोठ' बना महिला सशक्तिकरण का सशक्त मंच, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले— मातृशक्ति के योगदान से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का सपना*

'दीदी के गोठ' बना महिला सशक्तिकरण का सशक्त मंच, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले— मातृशक्ति के योगदान से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का सपना*

*रायपुर।* पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) द्वारा आयोजित 'दीदी के गोठ' वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन* का भव्य आयोजन रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, सभापति गुरु सौरभ साहेब एवं श्रीमती सविता चंद्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 'दीदी के गोठ' कार्यक्रम के सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने पर मिशन बिहान से जुड़ी सभी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, पदाधिकारियों एवं आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि यह मंच ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की कल्पना अधूरी है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, "आज जब हम विकसित छत्तीसगढ़ की बात कर रहे हैं और हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जुटे हैं, तब इस यात्रा में हमारी मातृशक्ति का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है।"* उन्होंने छत्तीसगढ़ी में कहा कि "आज जब हमन विकसित छत्तीसगढ़ के बात करथन अउ हमर देश के प्रधानमंत्री विकसित भारत के संकल्प ल साकार करे के बात करथें, त एमा आप सब्बो मातृशक्ति के बहुत बड़े योगदान हे।"

कार्यक्रम के दौरान मिशन बिहान से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने संघर्ष, आत्मनिर्भरता, नवाचार, आजीविका संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरणादायक सफलता की कहानियाँ साझा कीं। महिलाओं ने बताया कि किस प्रकार स्व-सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार, आर्थिक मजबूती और सामाजिक पहचान मिली है।

सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और समावेशी ग्रामीण विकास के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।