जेल में बंद रामगोपाल अग्रवाल और उनके भतीजे के घर ED की दबिश
धमतरी से बड़ी खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार सुबह कांग्रेस नेता और पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के सिहावा रोड स्थित आवास पर दबिश दी। रामगोपाल अग्रवाल फिलहाल जेल में बंद हैं। इसी दौरान उनके भतीजे के घर भी ईडी की टीम पहुंची है।
सुबह करीब 7 बजे पहुंची ED की टीम
मिली जानकारी के मुताबिक, ईडी की कार्रवाई कथित शराब, कोल और कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में की जा रही है। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे ईडी की टीम दो अलग-अलग वाहनों से रामगोपाल अग्रवाल के घर पहुंची। वहीं रामगोपाल अग्रवाल के भतीजे प्रतीक अग्रवाल के धमतरी स्थित आवास पर भी रेड की सूचना है।
मौके पर सुरक्षा बल के जवानों सहित करीब आठ सदस्यीय टीम मौजूद बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आवाजाही पर रोक लगाई गई है। टीम अंदर जरूरी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
शराब घोटाला मामले में जेल में हैं रामगोपाल अग्रवाल
रामगोपाल अग्रवाल को 11 अगस्त 2026 को चर्चित शराब घोटाला मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई थी। इसके बाद से वह जेल में हैं।
इससे पहले करीब तीन साल से फरार चल रहे रामगोपाल अग्रवाल ने 8 जुलाई को EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। मेडिकल जांच के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से पुलिस रिमांड पर भेजा गया। इसके बाद उनकी रिमांड अवधि बढ़ाई गई थी।
क्या है कोल लेवी घोटाला?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2019 से 2022 के बीच कोयला परिवहन से जुड़े कारोबारियों से प्रति टन अवैध वसूली किए जाने का आरोप है। इस मामले में करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध लेवी वसूले जाने की बात सामने आई है।
कोल लेवी मामले में EOW-ACB ने 35 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की थी। FIR में जांच के दौरान सामने आए विभिन्न साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है।
जांच के अनुसार, अवैध कोल लेवी से जुड़े लेनदेन में रामगोपाल अग्रवाल का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि बड़ी मात्रा में अवैध वसूली की रकम विभिन्न माध्यमों से पहुंचाई गई।
देवेंद्र डड़सेना की भूमिका भी जांच के घेरे में
कोल लेवी मामले में आरोपी देवेंद्र डड़सेना को रामगोपाल अग्रवाल का निजी सहायक बताया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, अवैध कोल लेवी से प्राप्त नकद राशि के लेनदेन में उसकी भूमिका सामने आई थी।
कांग्रेस भवन रायपुर में दर्ज कुछ कथित लेनदेन को भी जांच एजेंसियों ने मामले से जोड़कर देखा है। आरोप है कि अवैध लेनदेन से जुड़ी रकम रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई गई।
फिलहाल ED की टीम रामगोपाल अग्रवाल के आवास और उनके भतीजे के घर पर दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड की जांच कर रही है। छापे में क्या-क्या मिला और आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी आधिकारिक जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।



