स्कूल का पूर्व प्रिंसिपल निकला चोर गैंग का मास्टरमाइंड, कृषि अधिकारी बन सूने मकानों में करते थे चोरी

स्कूल का पूर्व प्रिंसिपल निकला चोर गैंग का मास्टरमाइंड, कृषि अधिकारी बन सूने मकानों में करते थे चोरी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह का मास्टरमाइंड जूते की दुकान चलाता था, जबकि उसका एक साथी पहले स्कूल में प्रिंसिपल रह चुका है। आरोपी गांवों में सामान्य लोगों की तरह घूमते थे और कृषि अधिकारी बनकर सर्वे करने के बहाने सूने मकानों की पहचान करते थे। मौका मिलते ही मकानों का ताला तोड़कर जेवर और नकदी चोरी कर फरार हो जाते थे। कोटा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बिलासपुर जिले की नौ और कोरबा जिले की एक चोरी समेत कुल 10 मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 20 लाख रुपये का सामान बरामद किया है।

कृषि अधिकारी बनकर करते थे रेकी, फिर देते थे चोरी को अंजाम

एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह के मुताबिक, गिरोह के सदस्य ग्रामीण इलाकों में इस तरह घूमते थे कि किसी को उन पर शक न हो। वे गांवों में जाकर घरों की स्थिति देखते और पता लगाते थे कि कौन सा मकान खाली है। खेती-किसानी के कारण ग्रामीणों के घर से बाहर रहने के समय को आरोपी वारदात के लिए उपयुक्त मानते थे। सूने मकान में ताला लगा दिखाई देने पर आरोपी उसे तोड़कर भीतर घुसते और पेटी-अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर तथा नकदी समेटकर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए चेहरा ढककर और हेलमेट पहनकर वारदात करते थे।

जूते की दुकान चलाने वाला निकला मास्टरमाइंड

एसीसीयू प्रभारी गोपाल सतपथी के अनुसार, गिरोह का मास्टरमाइंड विनोद कुमार वासुदेव (33) है। वह ग्रेजुएट है और सामान्य कारोबारी की पहचान बनाए रखने के लिए जूते की दुकान चलाता था। पुलिस के मुताबिक, वह गिरोह की गतिविधियों में प्रमुख भूमिका निभाता था। दूसरा आरोपी भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी (43) पोस्ट ग्रेजुएट है और पहले स्कूल में प्रिंसिपल रह चुका है। पुलिस के अनुसार, नौकरी से निकाले जाने के बाद वह चोरी की वारदातों में शामिल हो गया। तीसरा आरोपी राज प्रजापति उर्फ लल्लू (19) है। तीनों आरोपी कोरबा जिले के मानिकपुर क्षेत्र स्थित डिपरापारा के निवासी बताए गए हैं।

चोरी की रकम से खरीदी क्रेटा और बुलेट

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चोरी से मिली रकम का इस्तेमाल वाहन खरीदने में भी किया। पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार वासुदेव ने चोरी की रकम से क्रेटा कार खरीदी और उसकी किस्तें भी इसी पैसे से चुकाने की बात सामने आई है। वहीं, राज प्रजापति ने चोरी की रकम से अपने चाचा के नाम पर बुलेट खरीदी थी। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, 1.30 लाख रुपये नकद, गुल्लक में रखे 1,250 रुपये के सिक्के, क्रेटा कार, बुलेट और एक बाइक जब्त की गई है। पुलिस ने बरामद सामग्री का कुल मूल्य करीब 20 लाख रुपये बताया है।

सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग, 10 मामलों का खुलासा

बिलासपुर जिले के ग्रामीण थाना क्षेत्रों में दिनदहाड़े हुई चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार, इनकी संलिप्तता कोटा, रतनपुर, बिल्हा, पचपेड़ी और बेलगहना चौकी क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं में सामने आई। इसके अलावा कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र का एक मामला भी सुलझाया गया है। इस तरह कुल 10 मामलों का खुलासा हुआ है।

पहले भी दर्ज हैं चोरी के मामले

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी पहले भी जांजगीर जिले में दिनदहाड़े चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। उनके खिलाफ वर्ष 2022-23 के दौरान दर्ज 19 आपराधिक प्रकरणों का रिकॉर्ड भी सामने आया है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्रों में सूने मकानों को निशाना बनाकर की जा रही चोरी की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में गिरोह के काम करने के तरीके और चोरी की रकम से खरीदी गई संपत्ति की जानकारी भी सामने आई है।