हरिनाम संकीर्तन बना सनातन जागरण का महाब्रह्मास्त्र, धर्मांतरण पर लगेगा विराम - पुरन्दर मिश्रा
रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय विराट अखंड हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ रविवार को भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ। “हरे राम-हरे कृष्ण” महामंत्र की अखंड गूंज, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन, पूजा-अर्चना एवं महाप्रसाद में सहभागिता की।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री पुरंदर मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक जागरूकता और सामाजिक एकता को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण जैसी बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं और ऐसे समय में हरिनाम संकीर्तन एवं धार्मिक आयोजनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
श्री मिश्रा ने कहा कि जब समाज अपनी संस्कृति, परंपरा और धर्म से जुड़ा रहता है, तब धर्मांतरण जैसी प्रवृत्तियां स्वतः कमजोर पड़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि हरिनाम संकीर्तन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन चेतना को जागृत करने और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि गांव-गांव और मोहल्लों में इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों का विस्तार होना चाहिए, जिससे समाज में संस्कार, धर्म और भारतीय जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़े।
दो दिनों तक चले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने संगीतमयी प्रस्तुतियां दीं। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और अखंड महामंत्र संकीर्तन की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूबा रहा।
श्री पुरंदर मिश्रा ने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी श्रद्धालुओं, कीर्तन मंडलियों, सामाजिक संगठनों, युवा कार्यकर्ताओं एवं श्री जगन्नाथ सेवा समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।



