फर्जी नियुक्ति पत्र के सहारे नौकरी कर रहे 4 कर्मचारी बर्खास्त
खैरागढ़ राज्य शिक्षा आयोग के फर्जी नियुक्ति पत्र के सहारे पिछले चार वर्षों से शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। ये कर्मचारी सहायक ग्रेड-3 और डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर अलग-अलग स्कूलों और कार्यालयों में पदस्थ थे और नियमित रूप से वेतन भी ले रहे थे।
मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) लालजी द्विवेदी के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच में नियुक्ति आदेश फर्जी पाए जाने पर चारों कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 10-9 के तहत सेवा से पृथक कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार सितंबर 2021 में राज्य शिक्षा आयोग के सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के हस्ताक्षर वाले आदेश के आधार पर टीकमचंद साहू, फगेंद्र सिन्हा, रजिया अहमद और अजहर अहमद की नियुक्ति की गई थी। टीकमचंद साहू को हाईस्कूल मोहगांव, फगेंद्र सिन्हा को उमाशाला बकरकट्टा, रजिया अहमद को उमाशाला पैलीमेटा में सहायक ग्रेड-3 के रूप में तथा अजहर अहमद को छुईखदान बीईओ कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर पदस्थ किया गया था।
इसी आदेश के तहत सीएच एंथोनी को ठाकुरटोला उमाशाला में सहायक ग्रेड-3 के रूप में पदस्थापना दी गई थी, लेकिन उसने कभी ज्वाइन नहीं किया। इस कारण पांच में से चार कर्मचारियों पर ही बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई है।
शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि जिला स्तर पर शिक्षा विभाग के अवर सचिव के आदेश के परिपालन में इन कर्मचारियों को ज्वाइनिंग दी गई थी। लेकिन जब डीईओ कार्यालय ने राज्य शिक्षा आयोग से आदेश की सत्यता की पुष्टि कराई तो बड़ा खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि जिस क्रमांक का पत्र बताया जा रहा था, वह वास्तव में बैंक ऑफ बड़ौदा की विवेकानंद नगर शाखा के लिए जारी किया गया था। साथ ही आयोग के सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के हस्ताक्षर भी उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों से मेल नहीं खा रहे थे।
आयोग द्वारा जारी आदेश पत्र को फर्जी पाए जाने के बाद डीईओ लालजी द्विवेदी ने चारों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। मामले में आगे की कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।



